00001Aa — विस्तृत रहस्य
???? 00001Aa — विस्तृत रहस्य
• "सृष्टि बीज से शुरू है, जीवन आदत मे, और भविष्य पद्धति है…"
• 00001 = आरंभ / बिज़ / चेतना का प्रथम कंपन है…
• Aa (आ) = उच्चारण आरंभ / प्रथम कम्पन / सृष्टि मे पहला स्पर्श है…
• 00001Aa = वह बिंदु जहाँ अदृश्य दृश्य बनना शुरू होता है…
• उत्पत्ति वस्तु मे नही, पद्धति मे मौन है…
• बाहर संसार परिणाम ०९मे सबकुछ उपलब्ध और छिपा है…
• भीतर की पद्धति कारण निदान समाधान सम्भोग मे मौन शिरोमणी है…
•????इकाई — ईकाई — दूरी — दुरि अंदरूनी फिक्स है…
• ये चार शब्द सामान्य नहीं; ये अस्तित्व की यात्रा मे सवार पैसेंजर्स ट्रेन में जगह कम हैं, फ़िर भी नज़र भीतर दामन देख दिल लगाकर बराबर प्रकृति बिज़ बनाती है…
• स्तर • अर्थ • इकाई • शरीर •अस्तित्व • वर्तमान • जीवन अधर आधार • ईकाई • चेतना • भावना • दिशा • कम्पन • उद्देश्य • दूरी • जीवन मार्ग • यात्रा • संघर्ष • अनुभव • सीख • दूरि • मुक्ति• सहजता• पारावस्था • अहं • विसर्जन • 0000 चार शुन्य चरण पादुकोण वह मार्ग हैं …
• जहाँ मनुष्य → साधक → साक्षी → सिद्ध है…
• ????सूरज • ????️पवन • ☁️गगन • ???? समय-भजन…
• ये बाहरी तत्व नहीं—भीतरी ऊर्जा-चक्र 01 से अनन्त हैं:…
• तत्त्व :- बाहरी कार्य • आंतरिक विज्ञान
• सूरज :- प्रकाश किरण यूनिवर्स ऊर्जा जागृत टिम उद्देश्य 010…
• दिशा :- पवन • जीवन-श्वास • प्राण • आत्मबल • गगन • आकाश • विस्तार • मन की स्वतंत्रता • समय-भजन • दिन-रात • लय • चेतना • ध्यान • प्रकृति बाहर मौसम बदलती है…
• साधक भीतर ऋतु बदलता है…
• ????००१०० — प्रकृति फल-बिज़ चक्र बीज → अंकुर → वृक्ष → फूल → फल → बीज → बिज़ संग्रहण फ़िर अंत फिर से आरंभ है…
• समस्या है = बीज बिज़ निदान स्थान निश्चित है…
• प्रयास = अंकुरन निश्चित है असफलता निशानी है…
• साधना = वृक्ष तना फ़िर पत्ती वनस्पति खाए पीए पंच से परमेश्वर का स्थान खाली है, जब जागा तब ही सफ़लता बाक़ी है…
• निर्णय = फूलमाली से सुरज मुखी तेल पालनहार ट्रिपल क्राउन लक्षयधारी जिवन इनकम रॉयल्टी प्रोसुमर लिडरशिप है…
• परिणाम = फल अरबो एकत्रित हुए ज्ञानगंगा शब्द के आगे अ आंतरिक से आकर्षण घर्षण भारी है…
• फिर फल फ़ल दोबारा बीज बिज़ बना अभि बाक़ी है :—
• मनुष्य समझा विकास, फेंके संघर्ष जिवन इनकम पराई नारी बेटी नातन दुलारी है…
• ⚖️ 01, 03, 05, 07, 09, का रहस्य
ये सिर्फ अंक नहीं—जीवन के पाँच द्वार 010 दसवा छिद्र खोलना बाक़ी हैं:…
• संख्या • ऊर्जा • जीवन • कार्य
• 01 • आरंभ • कल्पना • साकार • 02कर निराकरण और विकार की पहचान है…
• पहचान – मैं कौन हूँ से पहले मैं क्या हु…
• 03 • समन्वय • संघर्ष • समाधान
• 05 संतुलन • धुरी – बुद्ध का मध्य मार्ग …
• 07 • खोज • सत्य, साधना, दिशा …
• 09 • पूर्णता • चरम संभवन • सिद्धि अवस्था • इ के बीचोबीच…
• 05 = केंद्र = धुरी = आधारशिला…{०१०}
• (05)⁰¹ⁿ¹ भाव यह :- हर यात्रा की धुरी मध्य संतुलन में है…
• ???? बुद्ध के 05 स्तम्भ :— विस्तार… साधारण नही, प्रयोग योग्य सूत्र :-
• 01️⃣ शील : (चरित्र की जड़):- कौन से विचार मेरे भीतर जड़ है…
• क्या मै अपने ही मन का शत्रु हूँ …
• संरक्षक : तन मन धन बुद्धि समय संस्कार प्रसाद वितरण कर्ता खुद हू…
• सूत्र:-
• ???? "करम बदलो, भाग्य अपने-आप बदलता है …"
• 02️⃣ समाधि :— (ध्यान की धुरी)…
• मन कहाँ बिखर रहा है…? • ध्यान कहाँ टिक रहा है…?
• सूत्र:-
• ???? "जहाँ ध्यान जाता है, ऊर्जा वैसा ही रूप लेती है।"
• 03️⃣ प्रज्ञा :— (निर्णय की दिशा)…
• क्या यह रास्ता मुझे ऊँचे निचे उठने मे सहयोगी है…?
• या केवल भंवरजाल में फसा कर लेना चाहता है…?
• सूत्र:-
• ???? "सही निर्णय, सही गति से पहले प्रवेष करती है…"
• 04️⃣ सति :— (चेतना की उपस्थिति)…
• मै आज कहाँ हूँ—वर्तमान मे या स्मृति मे…?
• आज का दिन — अवसर…?
• सूत्र:-
• ???? "आज द्वार है, शेष सब प्रतीक्षा…"
• 05️⃣ वीर्य — (प्रयास की अग्नि)…
• कितनी बार गिरा, यह महत्वूपर्ण नहीं…
• कितनी बार उठा — यही चरित्र है…
• सूत्र:-
• ???? "जब शरीर थक जाए, उद्देश्य को काम करने दो।"
• ???? जीवन-पद्धति का व्यावहारिक मॉडल
• सुबह • दोपहर • शाम • रात्रि • श्वास, ध्यान, • संकल्प • कर्म, • निर्णय, • पथ • मौन, • समीक्षा, • क्षमा • समर्पण, • निद्रा, • विश्वास
• "शरीर जीवन प्रयोगशाला" शुरु से है…
• ???? निष्कर्ष — सूत्र अरूप :-
• 00001Aa = अवतरण दिवस आरंभ
• 05 = धुरी…
• 010 = पूरण विस्तार
• बीज में पेड़ है, आदत में व्यक्तित्व है, पद्धति में आज है भविष्य कभी था हि नही है…
• ???? आगे आप किस दिशा में विस्तार चाहते हैं…?
• आप अगले चरण के लिए किस तरह आगे बढ़ना चाहेंगे…?