रुपए समानांतर केडब्लूडी
आज KWD= 230.39 rs………
टारगेट 01RS = 15KWD…
Time = ±015Year's…
* भारत भूमि विश्व रक्षक कल्याण कर्ता फ़रिश्ता स्वरूप है---
* भारत भूमि मे वफ़ादारो की फ़ौज है…
* आज स्वदेशी फ़ौज जो शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार सुरक्षा नौकरी बेरोज़गारी के लिए कन्फ्यूज़्ड है…
* आज फ़ौज को राजनीतिज्ञ, उद्योग संचालक, धरम रक्षक समाज सेवक शिक्षाविद डॉ मरीज कि तरह ट्रीट कर रहे है---
* जरूरत है, टाइगर हि है लायन|ण… नज़रिया की…
आज जरूरत नही है लडने लड़ाने की…
* आज सिर्फ़ प्रकृति प्रेम पर आलिंगन कर, सिद्धांत पर मौज मस्ती आदान प्रदान करने वाली फ़ौज तैयार करने की…
* आलिंगन केलिए जरूरी है 03क़दम पीछे हटना फ़िर 012गज हाई जम्प के साथ 099क़दम आगे छलाणग लगा कर नेत्तृत्व करता से आगे बढ़ और नेत्तृत्व कर्ता की…
* मै हु, प्रकृति सिद्धांत का वरदान भवन राजनाणदगाव का उद्धार करता से कर्ता… नर से स्व नाम स्वर परिवर्तन विशेषज्ञ…
विश्व कल्याण कर्ता फ़रिश्ता – भारत भूमि की पुकार… मै हि नही आप भी है …
* भारत भूमि सदियो से विश्व रक्षक, कल्याण कर्ता और फ़रिश्ता स्वरूप रही है … और सदैव बनी रहेगी…
* क्यूकि भारत की पहचान शक्ति से नही बल्कि करुणा और विश्वास की नीव पर है…
* जो अटल अमर अविनाशी प्रकृति सिद्धांत पर है…
* आज की स्थिति यह है कि स्वदेशी| हिन्दू के नाम पर समाज के फ़ौज के अंतर्गत युवक, विद्यार्थी, शिक्षक, सेवक—सभी शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सुरक्षा को लेकर उलझन मे फसे पड़े हुए है…
* राजनीतिज्ञ, धार्मिक कटर पंथी और औद्योगिक नेतृत्व करता कर्ता इन्हें “मरीज” की तरह ट्रीट कर रहा है…
जबकि असल में यही फ़ौज राष्ट्र और विश्व की रीढ़ की हड्डी है…
* ज़रूरत है नज़रिया बदलने की—
* लड़ाई-झगड़े की नही, बल्कि प्रकृति-प्रेम और सिद्धाणत-आधारित आलिणगन कर अज्ञाण, विज्ञाण अध्यात्म और सणयुक्त परिवार समाज राज्य देश सरकार, कर आधार पर दोनो सरकार बणा कर चलाने की…
* शेर की तरह इंसान को 03 क़दम पीछे हटकर विनम्रता से शक्ति संचय हेतु करुणा प्यार दुलार कर फिर आगे बढ़कर वर्तमान नेतृत्व को पार कर नया मार्ग दिखाने वाले करता से कर्ता कि…
* ऐसी फ़ौज तैयार करने की जो शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को मज़बूत कर से करे…
* समाज के प्रत्येक आम और ख़ास सभी सम्पूरण आत्मनिर्भर बनने मे अपनी भागीदारी सु निश्चित कर सम्मान का हक़ पाने मे सक्षम बन सकता है…
* भारत का लक्ष्य केवल आर्थिक वृद्धि (₹ से KWD जैसी समानता) नही, बल्कि मानवीय गुणो मे वृद्धि कर से साफ़ सुथरी सरकार, समाज, उद्योग, अध्यात्म वास्तविक अ'शिक्षा क्षेत्र बनाना है…
* आज भारत की जनसंख्या लगभग 0149करोड ±015ट्रिलियन आत्माए स्व-अभिमानी बन प्रकृति सिद्धाणत पर चलकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं…
* जब ±020करोड़ स्व शरीर उद्योग संचालक बन कर भुगतान कर, भारत विश्व कल्याण कर्ता फ़रिश्ता कहलाएगा…
* आज हर भारतीय को यह स्वीकार करना है कि मै (प्रत्येक) केवल अनुयायी नही, बल्कि नेतृत्वकर्ता भी हू…
✅ प्रभावशाली राजनीतिक नारा “भारत भूमि – विश्व कल्याण कर्ता फ़रिश्ता” (जहाँ हर नागरिक नेता है… और हर नेता सेवक है…)
03 कार्ययोजना :.… शिक्षा– स्वास्थ्य – रोज़गार की आत्म अभिमानी स्वदेश की सुरक्षा है…
* हर गाव-नगर में स्वदेशी शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था…
* रोजगार सृजन राजनीतिग्य का शून्य एक सत्य है…
* प्रकृति–सिद्धांत आधारित आलिंगन अपवित्र संस्कृति संघर्ष नही, सहयोग का रास्ता है…
* विश्व समाज मे नफ़रत की जगह प्रकृति-प्रेम और पारस्परिक सम्मान और नया नेतृत्व – नया भारत नया इतिहास के साथ नया विश्व चेतना जगाना है…
* आम नागरिक ही असली नेता है…
* स्व नाम स्वर परिवर्तन नेता केवल मार्गदर्शक ही नही है---
* अपितु युवाओ को मरीज़ नही, बल्कि “उद्धार कर्ता” बनाने वाला फ़िलम अभिनेता राइटर नही अ'ज्ञान का मर्म का अधिकारी बनने बनाने प्रेरित कर्ता है…
संदेश:
* भारत केवल आर्थिक बराबरी (01₹ = 15KWD) का सपना देख ही नही रहा है, बल्कि मानवता को नई दिशा देने का सणकल्प रख आगे बड रहा है…
* आज मै अ मे अ दिखाने मे सक्षम हि नही बन बैठा हु …
* अब सब को इ मे अ समाहित कर है दिखा कर सभी क्षेत्र को साफ़ सुथरा स्थान, योगियो के रहने योग्य बना रहा हु…
* आज हर भारतीय फ़रिश्ता का गुण धारी है…
* बस 03 कदम पीछे हट खाने वाले के समीप पहूणच विश्व कल्याण का मार्ग देख सणतुष्ट होना बाकी है……
* मै अत्र तत्र सर्वत्र अग्यानी दिल|डील पका कर, पकाया जीता जीताया अ012अ'ब्रम्ह हु… फ़आ. गूलाल सुलारवे …