कलयुग का भगवान — ‘रूपया’ और मैं उसका कोषाध्यक्ष*

कलयुग का भगवान — ‘रूपया’ और मैं उसका कोषाध्यक्ष*

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  • December 13, 2025
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  1. कलयुग का भगवान — ‘रूपया’

और मैं उसका कोषाध्यक्ष**

• कलयुग का भगवान ‘रूपया’ है। रूपये पर लगने वाला 05% GST केन्द्र सरकार का सवैधानिक अधिकार है, और इसी पर आज की आर्थिक व्यवस्था निर्भर है…

• ब्रह्मांडीय कल्याण समिति की शक्ति : NOATA वोट

• नोटा वोट्स 010% रॉयल्टी रिटर्न जनता का समझ पर जन्मसिद्ध आध्यात्मिक-लोकतांत्रिक अधिकार है…

• विश्व मे कोई बेरोजगार नही…

• हर व्यक्ति के भीतर एक अदृश्य उद्योग, एक आंतरिक ऊर्जा और एक अनोखा कौशल सक्रिय है—चाहे वह जागा हो या सोए हुए हो…

• भारत में 0143 करोड़ असंतुष्ट नागरिक है…

• ये अपने आपने बारे मे कुछ भी नहीं जानते पर दूसरे असंतुष्टि बताते रहे हैं किन्तु ये सभी कन्फ्यूज्ड है …

• परिवर्तन की जननी असंतुष्टता में छिपी हुइ है और यही देह से देश को नई दिशा देती है…

• भारत के 018–027 वर्ष के युवाओं में बेरोज़गार बताए जा रहे जबकि स्वमेव उद्योगपति जनम से हैं:- 

• नवीनतम आँकड़ों के अनुसार बेरोजगारओ कि संख्या सरकार 05.20% बता रहे है—यह संख्या चेतावनी भी है और बहुत बड़ा अवसर है…

आर्थिक आज़ादी का मार्ग :- 

• देश को विश्व बैंक के संपूर्ण ऋणों से मुक्त करने के लिए केवल 05,372 स्वघोषित, ईमानदार लीडर नेता की आवश्यकता है…

• —जो 036 राज्यों मे :- 

• प्राकृतिक-राजनीतिक-उद्योग सिद्धान्त अधर आधार पर संविधान के दायित्वों को व्यवस्तिथ करने कि कलयुग मे बेरोज़गार उद्योगपति की सर्वमान्य सरकार बनाने केलिए जरूरत है…

• कोशिश नहिं होना है, बनाना हि है क्योंकि साम्राज्य उद्योगपत्तियों का नही सिर्फ़ प्रो- सुमर्स के अधिकार क्षेत्र के कर्मचारीयों केलिए प्रकृति प्रेम सिद्धान्त का वरदान ०२कर पर है…

05,372 नेताओं की आर्थिक शक्ति :- 

• 05,372 लिडर प्रतिदिन 05% GST के अधर आधार पर ₹01.26 लाख (KWD इकाई) रॉयल्टी रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं… 

• केवल 010 माह मे देश का ऋण-मुक्त होना प्रकृति सन्तुलन सिध्दांत प्रेम बिज़ बीज से रोशनी मिल जाएगी है…

• यह वही ऊर्जा है जिसे लोग “कलयुग का भगवान—रूपया” को कहते हैं… जबकि वास्तव मे प्रतिदिन ₹015 GST का खान पान ₹0300 pro-सुमर हु ...

• राज्य सरकार बेरोज़गारी पेंशन भत्ता ₹02,000 दैनिक रिटायरमेंट पोषण पा रहा हु…

• यह भी इसी दिव्य-आर्थिक चक्र का एक भाग है…

मेरी पहचान :- 

• मै उद्योग, सिद्धान्त, प्रकृति-प्रेम और प्रोडक्ट-आधारित बीज-बिज़नेस का साधक हूँ…

• शेरनी जैसी मां का दूध पिया हूं, इसलिए कलयुग के भगवान — ‘रूपये’ कि शक्ति और नोटा वोट्स रॉयल्टी 010% का राज़ दार हु…

• सुपर शक्ति अक्षर GST में छिपी हुई हैं जिसे मैं जानता पहचानता चलता चलाता घुमते हुए घुमा रहा हूं……

• सरकार ऑनलाइन भुगतान के अधीन सभी लेनदेन करने का अधिकार सरकार ने दिया है…

• अपने अधिकार को पहचान कर प्रकृति का उत्तराधिकारी बनकर देश की माटी को सुरक्षित रखना मेरा संकल्प और साधना है…

पृथ्वी का स्वरूप

• धरती शलजम (Turnip) के आकार की तरह निकली पुंछ की तरह है…

• धरती की स्किन एरिया मे जो खुली आंखो से दिखाई देता हैं उस क्षेत्र पर लगभग 200 देश स्थित हैं…

• इनके अतिरिक्त हज़ारों छोटे-बड़े द्वीप स्वतंत्र टुकड़ों के रूप में समुद्र और धरती की भू-संरचना को पूर्ण करते हैं…--

निष्कर्ष — भारत का भविष्य जन-रॉयल्टी अर्थव्यवस्था में है- 

• युग बदल रहा है…

• अब आर्थिक अध्यात्म + जनशक्ति + डिजिटल लोकतंत्र मिलकर एक नया भारत बनाने मे सक्षम है…

• कलयुग का भगवान रूपया GST तभी कल्याणकारी है, जब उसका कोषाध्यक्ष जनता स्वयं बनेगी…

• और उसी दिशा में—हम मिलकर एक दूसरे का मार्गदर्शनकर्ता, कोषाध्यक्ष और परिवर्तन के सहयोगी साधक बनेंगे…---

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