सू|सूक्ष्म परिवर्तन भविष्य और भ्रम दुर कर्ता ख़ुद “शरीर-उद्योग” है।
सू|सूक्ष्म परिवर्तन भविष्य और भ्रम दुर कर्ता ख़ुद “शरीर-उद्योग” है।
✓™(ग्लिस्टर ~ ग्लीस्टर) से शुरू कर जीवन- इनकम_ समय वृक्ष है।
✓™आधुनिक दुनिया का सबसे बड़ा भ्रम है कि परिवर्तन हमेशा बड़ा करना पड़ता है।
✓™असल में परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली रूप है— ✓™सू|सूक्ष्म परिवर्तन परिणाम अनंत फल बिज़ है।
✓™एक अक्षर की हल्की सी चूक, एक मात्रा का छोटा सा फर्क, एक शब्द की दिशा बदलने वाली गलती— और पूरा परिणाम बदलता है।
✓™जैसे: ग्लिस्टर और ग्लीस्टर : दोनो सुनने मे लगभग एकसमान है, पर अर्थ, प्रभाव, पहचान और भविष्य अलग तैयार करता है।
✓™यही नियम जि|जीवन के हर क्षेत्र मे लागु है।
✓™यही नियम विश्व राष्ट्र पर संयुक्त रुप से लागु है।
✓™ सभी नियम “शरीर-उद्योग” से शुरू होकर शरीर पर हि समाप्त होता है।
✓™01) अक्षर : ऊर्जा का सबसे छोटा बिज़
अक्षर सिर्फ़ भाषा का हिस्सा नहीं है।
✓™अक्षर वास्तव में— विचार, दिशा, निर्णय और ऊर्जा की इकाई सुरज किरण की गति है।
✓™जब अक्षर बदलता है, तो शब्द का अर्थ, अंक चिन्ह मात्रा बदल जाता है।
✓™जब शब्द स्वर बदलता है, तो सोच और कल्पना बदलती है।
✓™जब सोच / कल्पना बदलती है, तो जीवन “अर्थ उद्योग” बन कर परिणाम फ़ल पिण्ड बर्फ़ जैसा हो जाता है।
✓™02) प्रोडक्ट्स भविष्य का “शरीर-उद्योग” की रॉयल्टी रिटर्न कर देता है।
✓™आज हम प्रोडक्ट को केवल वस्तु समझते हैं, पर अंक अंग अक्षर मात्रा सभी बिन्दु रक्षक उद्योग था, है और भविष्य में प्रोडक्ट्स जिवन शरीर-उद्योग का हिस्सा बनकर विश्व विद्यालय जीवन को चलाएगा।
✓™भविष्य में भोजन, पानी, दवा, शिक्षा, तकनीक— सबका लक्ष्य सिर्फ़ उपयोग नहीं, बल्कि लक्ष्य होगा : शरीर की क्षमता बढ़ाना
मन की स्थिरता बढ़ाना, जीवन इनकम/ समय और समाज को प्रॉडक्टिव बनाना है।
✓™प्रोडक्ट = वस्तु नहीं, प्रोडक्ट = वर्तमान भविष्य की जीवन-पूँजी/ समय वृक्ष बना हुआ है।
✓™03) जीवन-समय-इनकम वृक्ष कैसे बनता है?
✓™एक किसान बिज बोता है, और वह जानता है कि बिज़ छोटा है, पर भविष्य में वही— जड़ , तना, शाखा, फल बनकर परिवार की इनकम बढ़ाएगा और वृक्ष नियंत्रण ब्रश पिंजड़ा से बाहर निकल कर ऊपर लगातार वृद्धि करता है।
✓™ठीक इसी तरह : अक्षर = बि|बिज़, शब्द = पौधा, आदत = तना, कर्म = शाखा, परिणाम = फल, जि|जीवन = इनकम वृक्ष और व्यक्ति अक्षर और शब्द मात्रा साध लेता है, वह जीवन की खेती साध कर ज्ञान अभाव मे भी पोषण विशेषज्ञ है।
✓™04) शरीर: "कंपनी" और “फैक्ट्री” दोनो (001)आज एक है।
✓™हम बाहर की कंपनियों को बहुत बड़ी उपलब्धि सम्पत्ति मानते हैं, पर सच्चाई है कि शरीर ही सबसे बड़ी कंपनी और शरीर ही सबसे बड़ी फैक्ट्री और सम्पत्ति चल अचल नाम है।
✓™इस फैक्ट्री में—रक्त बनता है, ऊर्जा बनती है, विचार बनते हैं, निर्णय बनते हैं और कर्म के साथ कल्पना की मशीन मन और दिल में सदैव चलते रहती है।
✓™हर दिन यह फैक्ट्री (24/030) चौबीस घंटे आठों पहर चलती है, और इस फैक्ट्री का CEO कोई और नहीं— इन्सान स्वयं ख़ुद हैं।
✓™05) वोटर केवल संख्या नहीं—प्रगति का सूचक और राष्ट्र निर्माण में पार्टनर है।
✓™आज वोटर को केवल वोट-बैंक समझा जाता है, पर वास्तविक लोकतंत्र में वोटर है:
✓™राष्ट्र का प्रमुख, प्रगति का पार्टनर, नीति का ग्राहक और परिणाम उद्योग में हिस्सेदार…
✓™वोटर सिर्फ़ “चुनने वाला” नहीं— वोटर “नाव निर्माण करने वाला” शरीर धारी जिवन उद्योग है।
✓™06) प्रो-शुमर: आजका नागरिक शास्त्र :•: आजका सबसे बड़ा सर्वश्रेष्ठ शब्द सर्जरी सरकारी उद्योग है—
✓™Pro-Sumer{Proa-ßhoomor} (प्रो-शुमर) जिसका मुल्य/अर्थ है: जो केवल उपभोक्ता नही बल्कि उत्पादक और हक़ीक़त अनुभव विशेषज्ञ सुरज प्रवेष जलमग्न भी होता है।
✓™ प्रो-शुमर—प्रकृती प्रेम अधर आधार पर वरदान शून्यदोकर उपभोक्ता प्रोसुमर है।
✓™मूल्य आधारित जीवन जीता और स्वयं संचालक होता है और समाज का समस्या समाधानकर्ता राष्ट्र हितैषी इमानदार होता है।
✓™प्रो-शुमर का लक्ष्य सिर्फ़ नौकरी इनकम या व्यवसाय करना नहीं बल्कि जिवन-इनकम वृक्ष तैयार करना होता है।
✓™07) राष्ट्राध्यक्ष कौन है?
✓™सबसे बड़ा प्रश्न है—राष्ट्राध्यक्ष कौन?
✓™कागज़ मे राष्ट्रपति राष्ट्राध्यक्ष इन्सान है।
✓™जीवन में राष्ट्राध्यक्ष वह है— जो स्वयं को संचालित कर दूसरों को स्वपद चिन्ह कोष्ठक अंक शब्द कमल पर चलने की हक़ीक़त कि प्रेरणा स्रोत होता है।
✓™क्योंकि जो अपने मन±दिल, शरीर और कर्म को नियंत्रित नहीं कर सकता, वह राष्ट्र को क्या दिशा और प्रेरणा शक्ति दे सकता है?
✓™इसलिए— स्वयं संचालक = वास्तविक राष्ट्राध्यक्ष, और यही राष्ट्र और विश्व का आज मे भविष्य है।
✓™(001_0100)दिन लक्ष्य : मन±दिल :•: ✓™प्रशिक्षण :•: अब प्रश्न है: यह परिवर्तन कहां और कैसे शूरू करें?
✓™इसका उत्तर है:•: (001_0100)दिन समय संस्कार प्रसाद वितरण मॉडल, शुन्य से अनन्त शुन्य एक प्रतिशत है।
✓™0100 दिन का एक साधारण नियम—
001) हर दिन 01सू|सूक्ष्म सुधार…
✓™एक शब्द सुधारे ✓™041 आदत सुधारे ✓™एक सोच सुधारे ✓™ 007दिल कर्म सुधारे
✓™बस इतना ✓™0100दिन बाद क्या होगा?
✓™0100प्रतिदिन ✓™शब्द शुद्ध रक्त-परवाह 05हज़ार WBC प्रवाहित होते हैं।
✓™मन शांत ✓™दिल मजबूत ✓™शरीर सक्षम 07लीटर ख़ून एक समान होता है।
✓™जीवन इनकम \ समय वृक्ष खड़ा होकर, फ़ल पिण्ड लाइट हाउस और शू|शुन्य एक, 010 में से दस अर्थात 0100% और एक़हजार से पांच हज़ार गुणनफल वृक्ष फल बिज़ देता है…
✓™निष्कर्ष : अक्षर सर्जरी केन्द्र से विश्व राष्ट्र प्रमुख सुरज ßhòóraj श्रोता स्रोत दाता है।
✓™ग्लिस्टर ~ ग्लीस्टर पेस्ट ब्रश जिवन {032_005} तत्व मानव जीवन फल बिज़ चबाता है।
✓™यह सिर्फ़ उच्चारण का फर्क नहीं है, यह एक संकेत है कि— सु|सूक्ष्म परिवर्तन ही भविष्य का सर्वश्रेष्ठ ऊर्जावान ख़ुद शब्द उद्योग है।
✓™जब अक्षर शुद्ध होता है, तो शब्द सही परिणाम फ़ल है।
✓™जब शब्द डाल पर सही होते हैं, तो प्रोडक्ट सही शुद्ध होता है।
✓™जब प्रोडक्ट सही होते है, तो शरीर उद्योग शुरू होता है, और जब शरीर शब्द उद्योग कि तरह परिणाम देना शुरू करता है।
✓™जीवन “इनकम वृक्ष” बनकर 005हज़ार फल 009बिज़ देता है।
✓™अंतिम नारा (001ÄZ)
✓™???? अक्षर ऊर्जा है ✓™???? शरीर जिवन उद्योग है ✓™???? वोटर प्रमुख प्रॉफिट पार्टनर प्रोशुमर है। ✓™???? प्रो-शुमर विश्व भविष्य निधि योजना है। ✓™???? प्रोशूमर स्वयं सुरज संचालित राष्ट्राध्यक्ष ब्रह्माण्ड साकार दर्शण कराकर अपने मुखवंशावली वृद्धि और क्षेत्र से विश्व कल्याण कर नाम रौशन करता|कर्ता है।