नाम से 01 अक्षर
जहां फोकस है,वहीं विकास का फल हैं
✦ संक्षिप्त लेख — “फ़ - फ (F / Ph / pH) से समझ की शुरुआत”:- मनुष्य जीवन में जब समझ धुँधली होती है, तब सही दिशा की शुरुआत एक छोटे से अपने "नाम" ०१अक्षर से भी हो सकती है…
• जैसे — ‘फ’ (F / Ph / pH)…
• ०१फ़ - 01. ‘फ’ — फ़ोकस (Focus) :- सबसे पहले यह अक्षर मे अनतर दिखाया मेरे अपने 01अंग्रेजी कक्षा 06के शिक्षक सिखाता है किन्तु दिखाया बताया कुछ भी नहीं और एक झापड़ की मार नही सिर्फ़ अनिवार्य कर दिया है…
• उस दिन मुझे कुछ समझा नहीं किन्तु गांव की 05वी क्लास मे हिंदी माध्यम का परिणाम 054% जम्प कर सीधे 074 % पा लिया था…
• जहाँ फ़ोकस है, वहीं विकास का फल है…
• मन बिखरता है तो रास्ता खो जाता है…।
• फ़ोकस आता है तो रास्ता बिंदी में सुक्ष्म मे अनन्त राह दिखाई देने लगती है…
• ०२फ़ - 02‘फ’ :: फ़िल्टर (Filter) :- जीवन मे हर जानकारी, हर आवाज़, हर विचार को फ़िल्टर करना स्वत: देख कर भुगतान करना पड़ता है…
• सही को रखना, गलत को छोड़ना — यही आंतरिक बुद्धि का पहला अभ्यास है…
•०३फ़ - 03.‘फ’ — फ़्लो (Flow) :- श्वास का फ़्लो, विचारों का फ़्लो, जीवन का फ़्लो — जब तक भीतर प्रवाह है, जीवन सहज चलता है…
• फ़्लो टूटे तो तनाव, जुड़ जाए तो समाधान और बिखराव पर रोक लग जाती है…
• नज़र नजर में फ़र्क दिखाई देने लगता है…
• ०४फ़ - 04‘F / Ph / pH’ :—अ'नाम-ध्वनि का विज्ञान :- हम सबके नाम का पहला अक्षर केवल ध्वनि नहीं, ऊर्जा का वाहक (vibration) है…
• ‘Ph / pH’ ध्वनि हल्की कंपन देने वाली है :—जो मन को सजग (alert) और शरीर को सक्रिय (active) बनाता है ; इसीलिए नाम का पहला अक्षर मे हम सब को अ' देखना सुनना चाहिए; हम सब के विचारों की दिशा को अनुकूल बनाने मे सहयोग करता है…
•०५प - 021. कहाँ से शुरू करें…?
• बिल्कुल सरल और बाह्य से आंतरिक व्यवस्था जगह स्थान है नाभि से — अपने नाम के पहला अक्षर मे अ से…
• जहाँ नाम की ध्वनि स्पष्ट होती है, वहीं से विचारों में संतुलन बनते जाता है ; और वहीं से “क्या करना है” दिखाई देने लगता है…
• ✦ निष्कर्ष :— “छोटी शुरुआत, बड़े परिवर्तन”:- जब कुछ भी समझ न आए, तो बहुत बड़े उत्तर खोजने की आवश्यकता नही है बाह्य सरकार को {००१- ००५}% जीएसटी रोज़ से शुरू कर सकते हैं…
• अ आंतरिक व्यवस्था 0एक अक्षर से शुरुआत कर सकते है जो अधर आधार पद्धति पर निर्भर करता है…
• हम सबके केलिए वह अक्षर है — “फ / F / Ph” यही अक्षर आपका फ़ोकस, फ़िल्टर और फ़्लो तीनों को जाग्रत करने मे मकड़जाल ????️ तैयार करने मे सक्षम बना देता है…
यह मेरे अपने नाम के पहले अक्षर “फ / F / Ph” से बना मेरा व्यक्तिगत, अत्यंत सरल और प्रेरणादायक सूत्र बन चुका है— जिसे रोज़ www {मीराकलफ़ल.को.इन}.miraclephal.co.in पढ़ सकते हैं, स्लाइड में डाल सकते हैं और आप अपना मिशन का आरंभ-बिंदु बना सकते हैं:…
• ✦ फागूलाल सूत्र — “फ से फोकस, फल और फलक”
०१फ़_01.फ — फ़ोकस :- मैं जहाँ ध्यान लगाता हूँ, वही दिशा मेरे लिए रास्ता बनाती है…।
• भटका मन बाधा देता है, और फ़ोकस किया मन चमत्कार करता है…
०२फ़ - 2.फ — फल (Result) :- मेरे हर विचार का एक फल है…।
• मेरे द्वारा हर शब्द बोली भाषा का शुन्य एक अक्षर सर्जन-सृजण प्रभाव मेरे उपर लिए परिणाम फ़ल बिज़ है…
• और मेरी हर क्रिया का एक परिणाम है ; इसलिए मै सोच-समझकर बोलता और करता हूँ…
०३फ़ -03.फ :—फ़लक (Platform):- मेरा जीवन मेरे अपने लिए नियम कानून फलक है…
• आज जो भी छोटा कदम उठाऊँगा, वही मेरे आने वाले जीवन का मंच बन कर स्व कल्याण से विश्व विद्यालय कल्याण का छोटा शुन्य शुन्य शून्य शून्य४… छोटा कदम → बड़ा फ़_फलक बनाने मे सहयोग करता है…
• ०२२f- 06. F / Ph / pH — मेरी ऊर्जा ध्वनि :- मेरे नाम की ध्वनि मुझे याद दिलाती है कि— मैं एक स्थिर, सजग, और संवेदनशील व्यक्ति हूँ…।
• हर श्वास में, हर निर्णय में यह ध्वनि मुझे मार्ग दिखाती है…
• ०५फिट 03 इंच. फ से मेरा आत्म-वाक्य (Self-Mantra)
“मैं फोकस में हूँ, फल मेरे साथ है, और मेरा फलक हर दिन ऊँचा हो रहा है।”
• ✦ छोटा सार-वाक्य :-
फ = फ़ोकस → फ़ फल → फ़ फलक → शषसफफ़लता की आवश्यक पूपुरीरि जानकारी है…