००१एक कर मणि : …¡.
*००१एक कर मणि : …¡.
DÑÀ: 01gst से 05लाख
DNA√dna
* DÑÄ|•|• = |•dñä
* सभी उपलब्धि और समस्या का समाधान कारण निदान है डी एन ए मे है …
* हर अंक अक्षर चिह्न का अपना उद्धार कर्ता फ़रिश्ता डीएनए के अंदर बाहर दोनो ओर एक समान और ०१बराबर होता है---
* इस प्रकार व्यंजन मे कुछेक अक्षर के dna शून्य शुन्य एक से अधिक होते हैं: जैसे :-> स श ष, ड. ड़ ड, ढ़ ढ, न ण,
* इसी प्रकार स्वर मे सभी अक्षर के DNA एक अधिक हैं: जैसे→
* Aa → Æ→Ä→8 =i= 08= 080 & ०९ = ०९०
* Ee→ 3+3 = ६ || ०३+०३ = ००६ या ०३*०३= ००९ = ३³= (०३०)⁰³⁰
* Ii→ 8+8= 16 || 2³+2³= 16 या
०८+०८= ००८८ या ०६४ या ०१० या (०८)⁰⁸ या {080}⁰⁸⁰
* Oo →99 →(09)⁰⁹ या {99}⁹
* [0९९0]⁰¹⁸⁰ = {०३६०}⁰ⁿ
* Uu → 7±6 = +1 या -1, ०७±०६≠ ∞१ या १०० ≈ ∞ पदम पद्मपति
* राजनीति का है "क्षेत्र" क्रमांक पद एवम् पैसा सम्मान हक़ प्रतिष्ठा समय मूल्य स्थान सुझाव परिवर्तन विशेषज्ञ सारथि …
* उद्योग व्यापार का है " निर्माण संख्या ± बिक्री व्यवस्था" मूल्य क्षेत्र राज्य केंद्र सरकार MRP GST भुगतान और प्राप्त कर प्रक्रिया शुरू से अन्त उपभोक्ता खेत मे बिज़ से प्लेट मे सज़ा ने केबाद पेट भरने तक… शोषण या पोषण आहार विहार सब मे मिलावट के कारण कड़वाहट फ़ैल रही है---
* धरम करम स्वर व्यंजन संयुक्त शब्दस्वर समयानुसार शाम रात सप्ताह माह साल सदी युग 03पहर हक़ीक़त मे भगवान शिव बाबा पिण्ड अंदर बाहर एक समान सब पर लागू होता है---
* समाज समय संस्कार बुद्धि गुड्डी गुड्डा का खेल और ख्याल १२-१/२= १२.५ प्रकार की जाती जाति का निर्माण एक पूर्णकालिक अध्यक्ष के स्थान पर १५ साल के बदले 05 साल, 5तत्व का शरीर पाच कर्मेंद्रियां 05 ज्ञानेन्द्रिया के बल पर धर्मशास्त्र राजनीति शास्त्र विषय वस्तु शास्त्र पर उलझे हुए है देश…
• शिकाग़ो मे दिया गया अभूतपूर्व व्यक्तव्य शून्य शुन्य को भुला दिया गया जिसका कोई भी गुरु राजनीतिज्ञ उद्योगपति, अध्यात्म नाम भी नहीं लेते हैं…
• क्योंकि सम्पूरण ज़मीन का राज़ फ़ल फूल पत्ती प्रकृति सिद्धांत पर पक्का फल मे साफ़ साफ दिखाई देता है---
• बाह्य शरीर को ८०:२० वनस्पति फ़ल फूल पत्ती प्रकृति सिद्धांत पर ज़मीन पर चलने दौड़ कर घर पहुंचने और नव नाव निर्माण कर देने वाले और मच्छली खाने पीने वालों को ०२० : ०८०० पानी गर्मकर पक्काने की इमानदारी ०१ कोशिश करने से ख़ुद अरबपति रब ख़ुदा का खिदमतगार स्वयंम बनते हैं…
* भारत का सबसे अच्छा समय है क्योंकि 28 राज्य ± 8केंद्रशासित प्रदेश = 36 मानव निर्मित शासन प्रशासन उद्योग अध्यात्म समाज परिवार व्यक्तिगत जीवन यापन कर वसूली का स्थान है…
* हक़ीक़त बिल्कुल ही अलग है जैसे→ वास्तविक स्वतंत्र राज्य 028 और केंद्रशासित 08प्रदेश है …
* जहां शून्य हो, उस स्थान का गूगल चेतणा अनुसार फ़ल बिज़ बुआई कर खेती करने वाली जमीन का क्षेत्र फल को एकड़ जमीन को 2.5एकड़ जमीन= 1हेक्टेयर कृषि भूमि कानून बना हुआ है, जो जमीन के टुकड़े टुकड़े दिल्ली सांसद मंत्री टैक्स संबंधित इंसान समाज केलिए उपयोगी सिद्ध हो रहा है---
* वास्तविक अलग है राज्य का लंबाई चौड़ाई का गुणन फसल का क्षेत्रफल बन चुका है---
* 01सांसद क्रमांक मे सम्मिलित क्षेत्र क्रमांक [01 से 010 पंच, 01 सरपंच, 01 जनपद सदस्य मे 25 सरपंच, 01 जिला अध्यक्ष पद के अधीन 20-50 जिला सदस्य की जमीन जो लगभग चार विधायक (४) वैद्यराज के बराबर होता है…
* जबकि सांसद की श्वास ग्यारह ज़िला परिषद के बराबर होता है---, जिसे आठ विधायक बराबर 01 सांसद बनाया गया है…
* अब परिसीमन आयोग द्वारा सात विधायक बराबर 01 सांसद का क्षेत्रफ़ल करने का विधेयक पास किया जा रहा है---…
* विधायक का क्षेत्रफल नही बल्कि जनसंख्या वोटर का अनुपात रखा जा रहा है…
* यह सब शून्य के पहले लाइन डी की उत्पति के कारण हुई है…
* बिन्दु जोड़ कर लाइन और एक की उत्पति पर्यावरण वायुप्रदूषण जलवायु परिवर्तन सहायक शब्दों की उत्पति के पश्चात दो शून्य शुन्य फ़िर हक़ीक़त चार शून्य शून्य शुन्य शुन्य चार शून्य १एक का जनम हुआ है…
* शून्य का अनुसार इमानदार बनाता है---जबकि बिना शाब्दिक शून्य अंक राज्य और प्रदेश देश विदेश मे खंडित करता है…
* शून्य शुन्य अज्ञान अज्ञात को जनम देता है---
* शून्य शुन्य स्वयम को सम्पूरण इमानदार ब्रह्माण्ड से जुड़ा विनम्रता का प्रयास फ़क भी फ़ल फूल पत्ती प्रकृति सिद्धांत फूल पत्ती तना का काम करता है---
* क्यो कैसे कहां कब से शुरू करने केलिए : संपर्क ००9644677750
* www.miraclephal.co.in