जरूरत से ज्यादा स्थाई इनकम
*जरूरत से ज्यादा स्थाई इनकम*
✓™डायरेक्ट सेलिंग –“प्रो-शुमार” उद्योग मॉडल
✓™ आज की अर्थव्यवस्था में डायरेक्ट सेलिंग + फ्रेंचाइजिंग + प्रो-शुमार (Producer + Consumer) मॉडल एक नया उद्योग ढांचा बन चुका है।
• यह केवल व्यापार नहीं बल्कि मानव-ऊर्जा, उपभोग और उत्पादन को जोड़ने वाली प्रणाली शब्द उद्योग है।
• इस मॉडल की आय (Income) एक प्रकार की नहीं होती — बल्कि कई स्रोतों से बनती है।
•1️⃣ डिस्काउंट आय (Discount Income Nature)
✓™प्रकृति सिद्धान्त:
???? जो उपभोग करता है वही उत्पादन चक्र का भाग बनता है।
*आय का स्वरूप*
✓™कंपनी से उत्पाद थोक MRP मूल्य पर प्राप्त
C &F ग्राहक मूल्य और खरीद मूल्य का अंतर = डिस्काउंट आय
✓™स्वयं उपयोग भी आय का स्रोत बन जाता है।
✔ व्यक्ति = ग्राहक भी है।
✔ व्यक्ति = वितरक भी है।
✓™ ???? इसे Self Consumption Income कहा जा सकता है।
•2️⃣ ऑनरशिप / टर्नओवर आधारित आय
प्रकृति सिद्धान्त:
जैसे वृक्ष जड़ से पोषण लेता है, वैसे उद्योग नेटवर्क से आय प्राप्त करता है।
*विशेषताएँ*
• प्रत्येक फ्रेंचाइजी या यूनिट का अपना टर्नओवर
कुल व्यापार मात्रा पर बोनस / कमीशन
व्यक्तिगत मेहनत + सिस्टम की गति दोनों से आय होती है।
✔ यहाँ आय “समय, प्रोसुमर, संख्या और
✔ “फ्रेंचाइजी प्रवाह” से आती है।
✓™???? इसे System Income कहा जाता है।
•3️⃣ फ्रेंचाइजी + प्रो-शुमार टीम मॉडल
✓™ प्रो-शुमार = Producer + Consumer
• हर सदस्य तीन भूमिका निभाता है:
✓™उपभोक्ता ✓™प्रचारक ✓™उद्योग संचालक
✓™टीम संरचना
• प्रत्येक टीम में कई उद्योग संचालक होते हैं।
• सभी समान भागीदारी (Equal Profit Partner)
✓™ टीम संख्या बढ़ने से आय का विस्तार एक्सपोंशल नेचर Ñatural की होती है।
???? यह प्रकृति मॉडल है:
:•: बीज → पौधा → वृक्ष → वन
•4️⃣ Equal Profit Partner सिद्धान्त
प्रकृति का नियम: सूरज सबको समान ऊर्जा देता है।
उसी प्रकार — नेटवर्क में हर सक्रिय सदस्य लाभ का पात्र और आय केवल पद से नहीं, योगदान से
सामूहिक वृद्धि = व्यक्तिगत स्थिरता देता है।
✔ प्रतिस्पर्धा नहीं
✔ सह-विकास (Co-Growth)
•5️⃣ स्थायी रॉयल्टी आय (Royalty Income Nature) : जब कोई व्यक्ति उद्योग स्थापित करता है: ✓™वह सिस्टम बनाता है।
✓™ प्रशिक्षण देता है।
✓™ नेटवर्क विकसित करता है।
• तब उसे मिलता है: ✔ स्थायी रॉयल्टी (Permanent Royalty)
*विशेषता : * प्रो-षुमर की संख्या बढ़ने से आय बढ़ती है।
• व्यक्तिगत बिक्री पर निर्भरता कम होती है।
• प्रो षुमर हजारों गुना लाभ उत्पन्न करता है।
✓™ ???? यह Residual Income है।
(काम एक बार — आय बार-बार)
•6️⃣ प्रकृति सिद्धान्त से समझें :•:
✓™ प्रकृति उदाहरण
✓™ बिज़नेस तात्पर्य मूल्यवान उपयोगकर्ता है।
• बीज ✓™पहला सदस्य ✓™पौधा ✓™टीम निर्माण ✓™वृक्ष ✓™फ्रेंचाइजी यूनिट ✓™वन
✓ ™नेटवर्क उद्योग ✓™फल ✓™रॉयल्टी आय
•7️⃣ अंतिम निष्कर्ष : डायरेक्ट सेलिंग फ्रेंचाइजिंग बिज़नेस की आय पाँच स्तरों पर बनती जो दिखाई देती है, और जो दिखाई नही देती वह है जड़ कंद के समान …
✅ डिस्काउंट आय बचत है।
✅ टर्नओवर आय प्रभाव पहचान अनुभव विस्तार प्रो- शुमर शब्द उद्योग है।
✅ टीम आय, प्रोशुमर शब्द उद्योग है।
✅ समान भागीदारी लाभ प्रेम सिद्धान्त अनुसरण कर समस्या समाधान कर्ता ख़ुद है।
✅स्थायी रॉयल्टी रोजाना फ़्री महफ़िल आम रस है।
✅यह मॉडल व्यक्ति को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि उद्योग संचालक और प्रो-शुमार बनाता है।
???? “मानव ऊर्जा रोज़गार मॉडल – प्रो-शुमार उद्योग संविधान”
✅ "₹21मे प्रो षुमर उद्योगपति गरीबी अमीरी की खाई को जड़ से समाप्त करती है।
✅03% से 021% कि 09माह की यात्रा 0100प्रो षुमर के सममुल्य है।
✅ बाह्य और आंतरिक सरकार मे संजस्य कर करवाता है।
✅मानव, मानव, स्त्री पुरुष धरम करम जाती जाति, लड़का लड़की मे भेद मिटाता है।
✅ विश्व भूमि कल्याण की नीव 004कांटिनेंटल के साथ ब्रह्मांडीय संतुलन से विष्व प्रजातांत्रिकरण स्थापित करता है।
✅परम शान्ति 001परमेश्वर पालनहार सुरज, चांद, जलवायु, पावनवायु और समय संस्कार प्रसाद है।