सभी कल्पनाए साकार होति है किन्तु सभी सोच पुरी नही होती है…क्यो
* क के अन्दर और बाहर 036 दिशाओ से मौन स्वीकृति प्रकृति स्वयं अपने सिद्धांत पर लागू करती है जो निश्चित दिशा मे अनन्त फ़ल है…
प्राणि प्राणी का भेद करता कर्ता फ़रिश्ता ॐ कर का प्राकृतिक सिद्धांत है…
शून्यएककर का सिद्धांत प्राकृतिक है…
* 02कर का नियम मानव मुखिया एक जीभ के आधार पर जीवन निर्मित है…
* शून्यएक शून्यकर सिद्धांत पृथिवी कि गति का णियम यानि यम का नियम है …
* जो पैदा हुआ है वह पीड़ा मे सुख सुविधा भोगी अभोगी अन्न खाते पीते हुए भी जीवन मे दुखी हो रोते रहेगा…
* दुःखी हंसते हस्ते नजर आएगा फ़िर भी हक़ीक़त मे मन से विचलित 015 घंटा प्लस 048मिनट प्लस 048 सेकंड और 084 पल पाई फ़ाई पैसा मे फ़सा हुआ है… नाड़ी मे जाण है…
* 24घंटा, पूरी जिन्दगी मानव कि जान नारी नाड़ी जन्म मरण के बिच झुला झूलते हुए समय मे समाया हुआ व्यतित करता रहता …
* शून्यएक को पहचाने समाज मे सबको एकदुसरे कि लगातार वृद्धि देख हर्षित हो मुस्कुराए नारायण सिंह विद्वान संपत्तिवान सर्वश्रेष्ठ सफ़ल नामचीन हस्ति कहलाए…
* बाकि नौसौ करोड नर नारी मे से स्वप्न दृष्टा मेहनत कस भगवान गुरु ज्ञान वान बन वण भटकते हुए नजर आए…
* 0101 मे से 051फ़रिश्ते रूप अनेक दल संगठन भ्रम भटकाव पैदा कर दुध पिए सिएम पिएम बन चुपके चूपके खाए पीए डकार भी नही पाए …
* आज सोच दोष, देश हितैषी कहलाए और कल्पना शील व्यक्तित्व विकास शून्य एक ०१हवा प्राणवायु जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ की बाते कोइ कोई का भेद इको ईको सिस्टम से नज़र नही मिलाए...
* स श ष, ये तीन दिखाई देते हैं किंतु हक़ीक़त मे 0360 से अनन्त काल का अंतर और भ्रमित कर गती पर निर्भर है… जन्म के साथ दिशा मे भ्रम भटकाव पैदा करता है…
* चलो हम मिलकर नव राष्ट्र निर्माण मे कर बेस परिणाम तैयार करते हैं…
* आम जनता करोड़पति बन अरबपति कलेक्टर डिप्टी कलेक्टर और स्वस्वर परिवर्तक इमानदार शिक्षक शरीर उद्योगपति बन चुप नही रहेंगे …
* ०१२०रुपए मे देश मे ईमानदार सरकार की कल्पना को हक़ीक़त मे देखते हुए और देश दुनिया को दिखाते हुए राज गद्दी पर आसीन हो आम जनता का दुःख स्वीकार कर से साफ़ सुथरा स्थान पर योग का राज सिख सिखायेंगे…
* मन के सभी प्रश्नों का एक उत्तर ०१२अ करके आगे फ़ोन घुमाएंगे ०९४२५५५४०९२ बटन दबा घंटी बजा……