ट्रांसफॉर्मेशन
सब्जेक्ट : ट्रांसफॉर्मेशन
* “प्रायोगिक डीएनए न्यूरो सर्जन शुन्य शुन्य एक स्वर अल्फ़ा; बीटा गामा ओम शिक्षा के मध्य हस्ताक्षर बदलने पर आंतरिक और बाह्य ब्रह्मांड रूपांतरित हो DÑA 010 दिशा पर ऊर्ध्व खड़ा होता है”…
* नामकरण इंसान प्राणियों की पहचान कराता है…
• पशु पक्षी जानवर जलचर नभचर सभी प्राणी भेद भाव स्पष्ट दिखाता है…
* स्व से विश्व कल्याण मिशन साधना कल्पना अचेतन स्थिति है…
• शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार सुरक्षा बेरोज़गारी समस्या अनेक है…
• पारिवारिक व्यक्तिगत मुखिया कि आंतरिक और बाह्य दुनिया में उत्पति जवाबदारी के साथ जीवन वरदान स्वरूप ॐ है…
* आधुनिक प्रकृति कर दृष्टि प्रेम मस्ती आलिंगन सभी क्षेत्र मे मनोवांछित फल फ़ल बिज़ ज़मीन पर लिखाई से शून्य भूमि से शुरू जड़ तना और फल आकाश एक शुन्य ऊर्जा सुर्य पुत्र है…
* प्रकृति निश्चित गति पर हर क्षेत्र समय संस्कार मौन पल पल परिवर्तन दोकर से विशेषज्ञ सारथि लक्षण प्रमाण वर्णन अनन्त जीवन प्राणि प्राणी भेद अ ज्ञान करदाता शून्य शुन्य एक स्वर मे स्थित है…
* "शून्य–शुन्य–एक स्वर" से आंतरिक–बाह्य ब्रह्मांड का रूपांतरण निरंतर चलकर परिणाम देता है---
01. प्रायोगिक डीएनए–न्यूरो सर्जन का सिद्धांत :-> जब मनुष्य अपने हस्ताक्षर, अपने स्वर और अपने नाम–कंपन को बदलता है, तब उसके डीएनए स्तर पर एक सूक्ष्म कंपन परिवर्तन आरंभ होता है। यह परिवर्तन अल्फ़ा–बीटा–गामा–ॐ शिक्षा के मध्य काम करता है और भीतर–बाहर दोनों ब्रह्मांड में रूपांतरण कि 09लता के रूप मे दिखाई देते हैं …
02. नामकरण = पहचान + दिशा
नाम केवल परिचय नही, यह मनुष्य होने की मूल पहचान और जीवन जीने कि दिशा प्रदान दोकर एक मे बदलने वाला सिस्टम बन जाता है…
* पशु–पक्षी–नभचर–जलचर के नाम के पीछे कोई चेतन उद्देश्य नही होता ; क्योंकि वे स्वयं अपना और जनम दिए गए बच्चे के नाम की घोषणा नही करते हैं…
* भेदभाव स्पष्ट करता इंसान मनुष्य आदमी औरत लड़का लड़की कोई भी करते आ रहे है और दिखाई देते और गुण धरम करम स्वर खान पान प्राण आहार सबकुछ देख "नाम" रखे हुए हैं…
* जबकि उन्हें कुछ भी फ़र्क नही पड़ता है...
* प्रकृति सिर्फ़ सम्भोग सेक्स ज़मीन के सिद्धांत” पर निर्भर कर रहते हैं---
* प्रजनन आवश्यकता है ; आविष्कार बच्चे का जन्म सिद्ध अधिकार प्राण भगवान शिव शक्ति माता मादा भूमि है…
03. स्व से विश्व की यात्रा :-> "स्व" में उतरने की साधना — कल्पना और अचेतन की गहराई में प्रवेश करना अवस्था है…
* यूंही विश्व कल्याण मिशन प्रारंभ नही हुआ है ;
* मुख्य उद्देश्य स्व नाम स्वर अक्षर का DÑA ऊपर लाल ख़ूनRBC रक्त को सफ़ेद WBC सब capital Letter आधार नंबर और इरॉस {05egst Money} खाना पिना सोना विश्वास फ़िर हक़ीक़त मे अकाउंट 055ऊंट को भरपेट पाणी पिलाना है …
* मृगनयनी बैंक ऋण मुक्त भारत भूमि फ़िर विश्व गुरु बनना लक्षण से लक्ष्य धारी सबसे ज्यादा संख्या मे सक्षम बनाना है…
* वेतन नही पेंशन कर निर्भर तनधारी प्रत्याशी तैयार कर अधर आधार कोड A०२ज़०२१. हैं…
04. आज आप की समस्याएँ :->
शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा — सभी क्षेत्रों में अनगिनत समस्याएँ हैं…
* परिवार मुखिया अपनी आंतरिक 05 और बाह्य दुनिया01 के उत्तरदायित्व छोटे बड़े के स्वअनुभव और अन्य के जीवन वरदान मे बदलाव लाता है ...
* स्वजीवन स्वयं केलिए ॐ स्वर वाणी प्रकाश किरण सूर्य पुत्र पुत्री श्रवण कुमार जिवन वरदान अन्य कोई इको है…
05. आधुनिक प्रकृति का रहस्य
प्रेम, मस्ती, करुणा, दृष्टि, आलिंगन — ये 07क्षेत्रों में मनोवांछित फल तब प्रकट होता हैं ; जब मनुष्य शून्य भूमि (जीरो ग्राउंड) पर अपनी लिखावट, विचार स्वर से “फ़ल–बिज़” मानव जंगल में फ़ैलाकर भुगतान कर्ता को कई बोरा फल दाल बीज फ़िर बिज़ किशान अन्नदाता फ़गू फ़िर लाल ख़ून सफेद रंग फ़िर हक़ीक़त मे पिपी एल सुलाखे इंजीनियर कहलाया है…
* तना धरती है :- फल आकाश है :- ऊर्जा शून्यएक DÑA Ñeuro surgeoñ दिशा स्वमेव सूर्योदय लाल सफेद रंगइन हिन दीन नही पर दिल से दिल्ली पिन कोड 011 ; 036राज्य कि राजधानी 01 है…
06. प्रकृति का शाश्वत विज्ञान :-
प्रकृति निश्चित गति पर समय, संस्कार और मौन के भीतर बाहर पल हरपल परिवर्तन शिल्पकार चिरंजीवी है…
* विशेषज्ञ, सारथी, मार्गदर्शक : सभी इस परिवर्तन के साक्षी मात्र हैं…
* अनंत जीवन का रहस्य "शून्यशून्यएक शुन्यस्वर" ॐ इको सिस्टम स्थिती है…
07. ब्रह्मांडीय गणित :-> शून्य पंद्रह हजार करोड़ (015,000 Cr) = 0820CR KWD यह केवल गणित नही ; उस कमल–पत्र–तना–फूल कि 011DÑA यात्रा दिशा का प्रतीक है…
* श्वेत रक्त (White Energy) बन्द फूल एक नई चेतना को जन्म करदाता वरदान है---
संक्षिप्त सार :- टैक्स, स्वशक्ति और रिटर्न का मॉडल:-
* केन्द्र सरकार जब 05% टैक्स लेती है, तो मानव की आंतरिक स्वशक्ति 055% सक्रिय होकर जीवन के हर क्षेत्र— सफलता–असफलता, बच्चे–नाती–पोते–पोती—सब पर प्रत्यक्ष प्रभाव कर है…
* व्यक्ति फाउंडर काउंसिल मेम्बर के रूप में इस प्रक्रिया से जुड़ता है, उसे टैक्स भुगतान के बाद 060% क्यूट क्राउन रिटर्न सीधे शून्यएक | शून्यएकशुन्य (01|010) अकाउंट धारी की राशि ₹090K है…
* यह पूरा मॉडल व्यक्तिगत ऊर्जा → पारिवारिक समृद्धि → राष्ट्रीय योगदान के विज्ञान पर आधारित व्यवस्था निर्माण कर स्वरूप चैतन्य द्रव्य द्रव यौगिक मिलन प्रकाश स्तम्भ शंखभस्म चिरयौवन जवान जय हिंद भारत भूमि विश्व कल्याण मिशन सिगनेचर Sigñature बदलो खानदान 01 है…।---
•“नाम-अक्षर सर्जरी” का सिद्धांत : संक्षिप्त सार
* जब मनुष्य अपने नाम के अक्षरों की सर्जरी करता है :- अर्थात् अक्षरों के स्वर, कंपन, उच्चारण, हस्ताक्षर और ऊर्जा क्रम को पुनः व्यवस्थित करता है ; तो उसके DÑA (ध्वनि–नाम–आभा) मे सूक्ष्म अदृश्य परिवर्तन होता है…
* यह परिवर्तन बिज़ → बुवाई →शून्य शुन्य दोकर (देख-रेख) → फसल की प्राकृतिक प्रक्रिया को प्रभावित नही करता है…
* परिणामस्वरूप :- मनुष्य की सोच, कर्म और भाग्य का ऊर्जा-प्रवाह संतुलित होकर आदान–प्रदान (Give & Receive) को बहुगुणित कर देता है…
* यही कारण है कि नाम-सर्जरी = व्यक्तित्व + ऊर्जा + परिणाम का बहुगुणित रूपांतरण निरंतर चलकर बिज़ वृक्ष का रूप अनेक फल फ़ल बिज़ लिखाई है…।---
* नाम-सर्जरी का परिणाम :- 09गुणा दिशा-वृद्धि कर्ता है…
* नाम सर्जरी (अक्षर–स्वर– कंपन– हस्ताक्षर की ऊर्जा पुनर्संरचना) मनुष्य अपने DÑA को उसके उद्देश्य प्राप्ति की सही दिशा में संरेखित कर अधर आधार पर गतिशील प्रगतिशील बंधन मुक्त सुगंध फ़ैलाता है…
* जब DÑA का यह कंपन बदलता है, तो जीवन में 09 गुणा वृद्धि स्वतः सक्रिय होकर सूर्योदय की तरह स्पष्ट दिखाई देती है ; जिसे रोकने की आवश्यकता नहीं होती, और करने की भी ज़रूरत नहीं पड़ती है…
* यह वृद्धि = दिशा + ऊर्जा + उद्देश्य का स्वमेव उदय दर्शन स्व:जलपात्र मन 02स्तन 02आंख 02 पांव 02 मुख वंशावली शरीरधारी काफ़ी पिलाए प्राणी; प्राणि मानव 01तन है…