भ्रष्टाचार, टैक्स और ऋण से मुक्ति का वास्तविक समाधान
भ्रष्टाचार और ऋण की कोई वास्तविक जड़ नही है, लेकिन इसे जलाया जा सकता है… 03K मे बदल जा सकता है---
* राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित शीर्ष नेता स्वयं टैक्स नही देते, पर कर्मचारियो और जनता से टैक्स वसूलते है…।
* आम इंसान 018% टैक्स बोझ से जीवनभर दबा रहता है और रिटायरमेणट के बाद भी टैक्स देता है…।
* नेताओ की टैक्स-फ्री सैलरी और पैशन पेंशन जनता के साथ अन्याय है…।
* जिस दिन ये दोनो शीर्ष नेता टैक्स देना शुरू करेणगे, उसी दिन असमानता दूर होकर देश आत्मनिर्भर बनेगा…।
* हर देश ऋण और ब्याज की आग मे जल रहा है…।
* "शून्य ब्याज" के नाम पर प्रोसेसिणग फीस से जनता को धोखा दिया जाता आ रहा है…
* उद्योगपतियो और आधुनिक खानपान ने मनुष्य को भ्रमजाल मे फसा दिया है, वह अपना "नाम स्वर" भूल कर सरनेम याद रख रह गया है…।
* ज्ञान–विज्ञान–अध्यात्म ने "शूणय-एक प्राकृतिक सिद्धाणत" की असली कीमत स्पष्ट नही की जा रही है…।
असली समाधान :....:
* इमानदार टैक्स व्यवस्था…
* 02 करोड़ KWD वोटर्स के समानाणतर राष्ट्रपति–प्रधानमणत्री व्यवस्था…
* और "ॐ" को जीवन व्यवहार मे उतारना---
नोट : किसी भी तरह का कोई भी प्रश्न हो तो निश्चिंत हो फ़ोन करे…