कलयुग का भगवान — ‘eMoney’
*विषय : ???? कलयुग का भगवान — ‘eMoney’
और उसका कोषाध्यक्ष कौन…‽*
* कलयुग का भगवान ‘eMoney’ है…
* भारत मे MRP पर लगने वाला 05% eGST केन्द्र सरकार का सवैधानिक अधिकार और देश की आर्थिक व्यवस्था का राज़ निर्भर है…
* ब्रह्मांडीय कल्याण समिति की शक्ति : NOATA वोट :-
* नोटा वोट्स 010% रॉयल्टी रिटर्न समझदार जनता का जन्मसिद्ध आध्यात्मिक- लोकतांत्रिक कर रिटर्न अधिकार है…
* विश्व मे कोई बेरोजगार नही…
* हर व्यक्ति के भीतर एक अदृश्य उद्योग, एक आंतरिक ऊर्जा और एक अनोखा कौशल सक्रिय है—चाहे वह जागे या सोए कुछ भी करे …
* भारत में 0143 करोड़ असंतुष्ट नागरिक है…
* ये अपने बारे मे कुछ भी नहीं जानते पर दूसरे को असंतुष्ट बता रहे हैं किन्तु ये सभी कन्फ्यूज्ड है …
* परिवर्तन की जननी असंतुष्टता में छिपी हुइ है और यही देह से देश को नई दिशा देती है…
* भारत के 018–027 वर्ष के युवाओं को बेरोज़गार बताए जा रहे जबकि 001ओम स्वमेव उद्योगपति जनम से हैं:-
* नवीनतम आँकड़ों के अनुसार बेरोजगारओ कि संख्या सरकार 05.20% आनलाइन उपलब्ध है—यह संख्या चेतावनी भी है और बहुत बड़ा अवसर भी है…
* ???? आर्थिक आज़ादी का मार्ग :-
* देश को विश्व बैंक के संपूर्ण ऋणो से मुक्त करने के लिए केवल 05,372 स्वघोषित, ईमानदार लीडर स्वयंभु नेता की आवश्यकता है…
* —जो 036 राज्यों मे :-
* प्राकृतिक-राजनीतिक-उद्योग सिद्धान्त अधर आधार पर संविधान के दायित्वों को व्यवस्तिथ करने कि कलयुग मे बेरोज़गार उद्योगपति की सर्वमान्य सरकार बनाने केलिए जरूरी है…
* कोशिश नहिं करना है, बनना हि है क्योंकि साम्राज्य उद्योगपत्तियों का नही सिर्फ़ प्रो- सुमर्स के अधिकार क्षेत्र के कर्मचारीयों केलिए प्रकृति प्रेम सिद्धान्त का वरदान ०२कर मे छिपा है…
* ???? 05,372 नेताओं की आर्थिक शक्ति :-
* 05,372 लिडर प्रतिदिन 05% eGST के अधर आधार पर ₹01.26 लाख (KWD इकाई) रॉयल्टी रिटर्न प्राप्त करते हैं…
* केवल 010 माह मे देश का ऋण-मुक्त होना प्रकृति सन्तुलन सिध्दांत प्रेम बिज़ बीज को रोशनी मिल जाएगी है…
* यह वह ऊर्जा है जिसे देश केलिए “कलयुग का भगवान—eGST” हैं… जबकि वास्तव मे प्रतिदिन ₹015eGST का खान पान ₹0300 pro-सुमर का वरदानी जीवन है ...
* राज्य सरकार बेरोज़गारी पेंशन भत्ता ₹02,000 दैनिक रिटायरमेंट पोषण पा रहा हु…
* यह भी इसी दिव्य-आर्थिक चक्र का एक भाग है…
* ???? मेरी पहचान :-
* मै उद्योग, सिद्धान्त, प्रकृति-प्रेम और प्रोडक्ट-आधारित बीज-बिज़नेस का साधक हूँ…
* शेरनी जैसी मां का दूध पिया हूं, इसलिए कलयुग के भगवान — ‘eGST’ कि शक्ति और नोटा वोट्स रॉयल्टी 010% का राज़ दार हु…
* सुपर शक्ति अक्षर eGST में छिपी हुई हैं जिसे मैं जानता पहचानता चलता चलाता घुमते हुए घुमा रहा हूं……
* सरकार ऑनलाइन भुगतान के अधीन सभी लेनदेन करने का अधिकार क्रैडिट कार्ड कर रहा है, जबकि क्रैडिट कार्ड का कोइ काम नहीं है…
* अपने अधिकार को पहचान कर प्रकृति का उत्तराधिकारी बन देश की माटी को सुरक्षित रखना मेरा संकल्प और साधना बन चुका है…
* ???? पृथ्वी का स्वरूप
* धरती और ब्रह्माण्ड शलजम (Turnip) के आकार की पुंछ की तरह है…
* धरती की स्किन एरिया मे जो खुली आंखो से दिखाई देता हैं उस क्षेत्र पर लगभग 200 देश स्थित हैं…
* इनके अतिरिक्त हज़ारों छोटे-बड़े द्वीप स्वतंत्र टुकड़ों के रूप में समुद्र और धरती की भू-संरचना को पूर्ण करते हैं…--
* ???? निष्कर्ष — भारत का भविष्य जन-रॉयल्टी अर्थव्यवस्था में है-
* युग बदल रहा है…
* अब आर्थिक अध्यात्म + जनशक्ति + डिजिटल लोकतंत्र मिलकर एक नया भारत बनने मे सक्षम है…
* कलयुग का भगवान eGST कल्याणकारी है, जब उसका कोषाध्यक्ष 01जनता स्वयं बनेगी…
* और उसी दिशा में—हम मिलकर एक दूसरे का मार्गदर्शनकर्ता, कोषाध्यक्ष और परिवर्तन के सहयोगी साधक बनेंगे…
* आज और अनादि काल से धरती पर (02) दो सरकार सदैव स्वस्थ संकल्प से कार्य करते आ रही है…
* ०१. प्रकृति सिद्धान्त प्रेम ब्रह्मचर्य ज्ञान सिद्ध विज्ञान अध्यात्म औषधि केंद्र और बाह्य…
* ०२. इन्सान निर्मित सरकार कर बेटा बेटी उत्तराधिकारी शक्तिशाली व्यवस्था जिसे (००१अ) ने कलयुग समय दिन रात के कुचक्र में फस कर भ्रम भ्रष्टाचार ऋण के भंवर जाल में फसा हुआ है...
* आज सिर्फ़ प्रो- सुमर्स इस भंवरजाल को तोड़ने में सफ़ल है जो ईमानदार eGST के प्रति ईमानदार इन्सान है किन्तु स्वयम के शरीर की आंतरिक सरकार A'GOD को बाहर खोजते हुए 02% दान डोनेशन में भटका हुआ है…
* शरीर उद्योग है जो अदृश्य आंतरिक शक्ति से स्वत: सुरज प्रकाश किरण की सर्वमान्य गति 03लाख प्रति सेकंड पर आधारित उपभोक्ता प्रोसुमर रिटर्न पा रहा है…
* अनन्त शुन्य मे और शून्य से अनन्त शून है…